(A) माना कि शीर्ष $A(-2,-3), B(6,3), C(3,7)$ और $D(-5,1)$ हैं।
सबसे पहले,दूरी सूत्र $d = \sqrt{(x_2-x_1)^2 + (y_2-y_1)^2}$ का उपयोग करके भुजाओं की लंबाई ज्ञात करते हैं:
$AB^2 = (-2-6)^2 + (-3-3)^2 = (-8)^2 + (-6)^2 = 64 + 36 = 100 \implies AB = 10$
$BC^2 = (6-3)^2 + (3-7)^2 = (3)^2 + (-4)^2 = 9 + 16 = 25 \implies BC = 5$
$CD^2 = (3 - (-5))^2 + (7-1)^2 = (8)^2 + (6)^2 = 64 + 36 = 100 \implies CD = 10$
$DA^2 = (-5 - (-2))^2 + (1 - (-3))^2 = (-3)^2 + (4)^2 = 9 + 16 = 25 \implies DA = 5$
चूंकि सम्मुख भुजाएँ बराबर हैं ($AB=CD=10$ और $BC=DA=5$),यह चतुर्भुज एक समांतर चतुर्भुज है।
अब,विकर्ण $AC$ की जाँच करते हैं:
$AC^2 = (-2-3)^2 + (-3-7)^2 = (-5)^2 + (-10)^2 = 25 + 100 = 125$
$\triangle ABC$ में,$AB^2 + BC^2 = 100 + 25 = 125 = AC^2$ है।
पाइथागोरस प्रमेय के विलोम से,$\angle B = 90^\circ$ है।
चूंकि समांतर चतुर्भुज का एक कोण समकोण है,इसलिए यह एक आयत है।