(N/A) $Hardy-Weinberg$ सिद्धांत बताता है कि एक समष्टि में एलीलिक आवृत्तियों का योग स्थिर रहता है।
$Hardy-Weinberg$ संतुलन को प्रभावित करने वाले पाँच कारक निम्नलिखित हैं:
$(i)$ जीन प्रवासन या जीन प्रवाह: जब समष्टि का एक हिस्सा दूसरी जगह प्रवास करता है,तो मूल समष्टि के साथ-साथ नई समष्टि में भी जीन आवृत्तियाँ बदल जाती हैं। नए जीन/एलील नई समष्टि में जुड़ जाते हैं और पुरानी समष्टि से ये खो जाते हैं।
$(ii)$ आनुवंशिक विचलन $(Genetic drift)$: यह कुछ लक्षणों के जीनों के समाप्त होने को संदर्भित करता है,जो तब होता है जब समष्टि का एक हिस्सा प्रवास करता है या प्राकृतिक आपदा के कारण मर जाता है।
$(iii)$ उत्परिवर्तन $(Mutation)$: जीन में होने वाला अचानक वंशानुगत परिवर्तन जो किसी व्यक्ति के आनुवंशिक मेकअप को बदल देता है।
$(iv)$ आनुवंशिक पुनर्संयोजन $(Genetic recombination)$: यह युग्मक निर्माण के दौरान होता है जब गुणसूत्र माता-पिता से संतानों में जाते हैं।
$(v)$ प्राकृतिक चयन $(Natural selection)$: यह एक ऐसी घटना है जिसके द्वारा समष्टि के उन सदस्यों को प्राथमिकता दी जाती है जिनमें ऐसे लक्षण होते हैं जो उन्हें उच्च दर पर बढ़ने और प्रजनन करने में सक्षम बनाते हैं।