भोजन ग्रहण करने के बाद जठरांत्र (gastro-intestinal) स्राव और गति में वृद्धि मुख्य रूप से किसके द्वारा होती है?

  • A
    सहानुभूति तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system)
  • B
    परानुकंपी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic nervous system)
  • C
    केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central nervous system)
  • D
    थायराइड द्वारा स्रावित हार्मोन

Explore More

Similar Questions

स्यूडोरुमिनेशन (Pseudorumination) क्या है?

स्तंभ $I$ का स्तंभ $II$ से मिलान करें और सही विकल्प चुनें।
स्तंभ $I$ (आहार नाल का भाग)स्तंभ $II$ (आकार)
$i$. ग्रहणी (Duodenum)$a$. कृमि रूपी (Worm-like)
$ii$. आमाशय (Stomach)$b$. $U$-आकार
$iii$. जीभ (Tongue)$c$. $J$-आकार
$iv$. परिशेषिका (Appendix)$d$. त्रिकोणीय

पाचन की कार्यिकी के संबंध में निम्नलिखित कथनों को पढ़ें और पहचानें कि वे सत्य हैं या असत्य। नीचे दिए गए कूट में से उचित विकल्प चुनें:
$I.$ सर्वाहारी जीवों में हाइड्रोलेज की सबसे बड़ी विविधता मौजूद होती है,जबकि शाकाहारी जीवों में आमतौर पर पाचक एंजाइमों का अभाव होता है।
$II.$ पाचक एंजाइम चार प्रकार के होते हैं,अर्थात् एमाइलेज,प्रोटीनेज,लाइपेज और न्यूक्लिएज।
$III.$ प्रोटीनेज को प्रोटीएज के रूप में भी जाना जाता है,जो सक्रिय रूप में मुक्त होते हैं क्योंकि भोजन की अनुपस्थिति में कोशिकीय या बाह्यकोशिकीय सभी प्रोटीन उनके द्वारा जल-अपघटित हो जाते हैं।
$IV.$ हाइड्रोलेज और कोलेसिस्टोकाइनिन अग्न्याशय के बहिःस्रावी भाग द्वारा स्रावित होते हैं।

कुछ जानवर सेल्यूलोज सामग्री को फिर से पचाने के लिए अपना मल खाते हैं; ऐसे जानवरों को क्या कहा जाता है?

स्तंभ $I$ का मिलान स्तंभ $II$ से कीजिए:
स्तंभ $I$ (घटक/प्रक्रिया)स्तंभ $II$ (संबंधित भाग/एंजाइम)
$(a)$ बिलीरुबिन और बिलीवर्डिन$(i)$ पैरोटिड
$(b)$ स्टार्च का जलअपघटन$(ii)$ पित्त (Bile)
$(c)$ वसा का पाचन$(iii)$ लाइपेज
$(d)$ लार ग्रंथि$(iv)$ एमाइलेज

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo