(A) जब साइकिल के ट्यूब का वाल्व खोला जाता है,तो ट्यूब के अंदर की संपीड़ित हवा तेजी से बाहरी वातावरण में फैलती है। यह प्रक्रिया इतनी तेजी से होती है कि परिवेश के साथ ऊष्मा के आदान-प्रदान का समय नहीं मिलता,इसलिए यह एक रुद्धोष्म (adiabatic) प्रक्रिया है। ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार,$dQ = dU + dW$। चूंकि प्रक्रिया रुद्धोष्म है,$dQ = 0$,जिसका अर्थ है कि $dU = -dW$। जैसे ही हवा बाहरी वायुमंडलीय दबाव के विरुद्ध फैलकर कार्य $(dW > 0)$ करती है,उसकी आंतरिक ऊर्जा $(dU)$ कम हो जाती है। चूंकि आदर्श गैस की आंतरिक ऊर्जा सीधे उसके तापमान के समानुपाती होती है,इसलिए आंतरिक ऊर्जा में कमी के कारण तापमान गिर जाता है,जिससे बाहर निकलने वाली हवा ठंडी महसूस होती है।