(N/A) दिया है: $AB$ और $CD$ केंद्र $O$ वाले वृत्त की दो जीवाएँ हैं,जो बिंदु $E$ पर प्रतिच्छेद करती हैं।
सिद्ध करना है: $\angle AEC = \frac{1}{2} (\angle AOC + \angle BOD)$।
रचना: $AC, BC, BD$ और $AD$ को मिलाइए।
उपपत्ति:
$1$. हम जानते हैं कि एक चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण,वृत्त के शेष भाग पर स्थित किसी बिंदु पर अंतरित कोण का दोगुना होता है।
$2$. चाप $CXA$ केंद्र पर $\angle AOC$ और वृत्त के शेष भाग पर $\angle ABC$ अंतरित करता है। अतः,$\angle AOC = 2 \angle ABC$ $....(1)$
$3$. इसी प्रकार,चाप $DYB$ केंद्र पर $\angle BOD$ और वृत्त के शेष भाग पर $\angle BCD$ अंतरित करता है। अतः,$\angle BOD = 2 \angle BCD$ $....(2)$
$4$. $(1)$ और $(2)$ को जोड़ने पर,हमें प्राप्त होता है: $\angle AOC + \angle BOD = 2(\angle ABC + \angle BCD)$ $....(3)$
$5$. $\Delta CEB$ में,$\angle AEC$ एक बहिष्कोण है। बहिष्कोण प्रमेय के अनुसार,त्रिभुज का बहिष्कोण उसके दो अंतः अभिमुख कोणों के योग के बराबर होता है।
$6$. अतः,$\angle AEC = \angle ABC + \angle BCD$ $....(4)$
$7$. $(3)$ और $(4)$ से,हमें प्राप्त होता है: $\angle AOC + \angle BOD = 2 \angle AEC$।
$8$. इस प्रकार,$\angle AEC = \frac{1}{2} (\angle AOC + \angle BOD)$।
अतः,$\angle AEC = \frac{1}{2}$ (चाप $CXA$ द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण $+$ चाप $DYB$ द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण)।