(N/A) $(i)$ हम जानते हैं कि वृत्त के केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है। चूँकि $ON \perp AB$,इसलिए $AN = BN$ है।
अब,$PA \cdot PB = (PN - AN)(PN + BN)$।
चूँकि $AN = BN$,हम लिख सकते हैं:
$PA \cdot PB = (PN - AN)(PN + AN) = PN^2 - AN^2$।
$(ii)$ समकोण त्रिभुज $\triangle ONP$ में,पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
$OP^2 = ON^2 + PN^2 \implies PN^2 = OP^2 - ON^2$।
इस मान को $PN^2 - AN^2$ में प्रतिस्थापित करने पर:
$PN^2 - AN^2 = (OP^2 - ON^2) - AN^2 = OP^2 - (ON^2 + AN^2)$।
समकोण त्रिभुज $\triangle ONA$ में,पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार,$ON^2 + AN^2 = OA^2$।
अतः,$PN^2 - AN^2 = OP^2 - OA^2$।
चूँकि $OA$ और $OT$ दोनों एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं,इसलिए $OA = OT$।
अतः,$PN^2 - AN^2 = OP^2 - OT^2$।
$(iii)$ $(i)$ और $(ii)$ से,हमारे पास $PA \cdot PB = OP^2 - OT^2$ है।
समकोण त्रिभुज $\triangle OTP$ में (जहाँ $\angle OTP = 90^{\circ}$ क्योंकि स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है),पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
$OP^2 = OT^2 + PT^2 \implies OP^2 - OT^2 = PT^2$।
इस प्रकार,$PA \cdot PB = PT^2$।