(N/A) माना $ABCD$ एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel CD$ और असमांतर भुजाएँ $AD = BC$ हैं।
यह सिद्ध करने के लिए कि $ABCD$ एक चक्रीय चतुर्भुज है,हमें यह दिखाना होगा कि सम्मुख कोणों का योग $180^{\circ}$ है,अर्थात $\angle A + \angle C = 180^{\circ}$ या $\angle B + \angle D = 180^{\circ}$।
$DE \perp AB$ और $CF \perp AB$ खींचिए।
$\triangle ADE$ और $\triangle BCF$ में:
$AD = BC$ (दिया है)
$\angle AED = \angle BFC = 90^{\circ}$ (रचना से)
$DE = CF$ (समानांतर रेखाओं के बीच की दूरी समान होती है)
अतः,$RHS$ सर्वांगसमता नियम से $\triangle ADE \cong \triangle BCF$ है।
इसका अर्थ है कि $\angle A = \angle B$ ($CPCT$ द्वारा)।
चूँकि $AB \parallel CD$,इसलिए क्रमागत अंतःकोणों का योग $180^{\circ}$ होता है,अर्थात $\angle A + \angle D = 180^{\circ}$।
$\angle A$ के स्थान पर $\angle B$ रखने पर,हमें $\angle B + \angle D = 180^{\circ}$ प्राप्त होता है।
चूँकि सम्मुख कोणों का योग $180^{\circ}$ है,इसलिए $ABCD$ एक चक्रीय चतुर्भुज है।