(N/A) न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार,ब्रह्मांड का प्रत्येक पिंड दूसरे पिंड को एक ऐसे बल से आकर्षित करता है जो उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है $(F = G \frac{M_1 M_2}{r^2})$.
यद्यपि सभी पिंड एक-दूसरे पर गुरुत्वाकर्षण बल लगाते हैं,लेकिन सामान्य आकार की वस्तुओं के लिए इस बल का परिमाण अत्यंत कम होता है क्योंकि पृथ्वी के द्रव्यमान की तुलना में उनका द्रव्यमान नगण्य होता है।
इसके विपरीत,पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत विशाल है। इसलिए,पृथ्वी की सतह के पास किसी भी वस्तु पर पृथ्वी द्वारा लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल उन वस्तुओं के बीच के आपसी गुरुत्वाकर्षण बलों की तुलना में काफी अधिक होता है।
परिणामस्वरूप,पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल प्रभावी हो जाता है,जिससे सभी वस्तुएं पृथ्वी के केंद्र की ओर आकर्षित होती हैं।