यदि एक सेकंड लोलक को ऐसे ग्रह पर ले जाया जाए जहाँ गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी का $4$ गुना है,तो उस ग्रह पर सेकंड लोलक की लंबाई को कितने गुना किया जाना चाहिए ताकि आवर्तकाल स्थिर रहे?

  • A
    $2$
  • B
    $4$
  • C
    $8$
  • D
    $16$

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एक लिफ्ट में,$T_S$ आवर्तकाल वाली एक स्प्रिंग घड़ी (स्प्रिंग से जुड़ा द्रव्यमान) और $T_P$ आवर्तकाल वाली एक लोलक घड़ी रखी गई है। यदि लिफ्ट ऊपर की ओर त्वरित होती है,तो उनके आवर्तकाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

$1.8 \,m$ लंबाई की एक समान छड़ को एक सिरे से लटकाकर छोटे दोलन कराए जाते हैं। उस सरल लोलक की लंबाई ज्ञात कीजिए जिसका द्रव्यमान और आवर्तकाल छड़ के समान हो। ($\,m$ में)

एक सरल लोलक के दोलन का आवर्तकाल $1$ मिनट है। यदि इसकी लंबाई $44 \%$ बढ़ा दी जाए,तो इसका नया आवर्तकाल ......... $s$ होगा।

दो लोलकों की आवृत्तियों का अनुपात $2 : 3$ है,तो उनकी लंबाइयों का अनुपात क्या होगा?

एक सरल लोलक के गोलक की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग $0.02 \text{ J}$ है। साम्यावस्था (equilibrium position) पर सरल लोलक के गोलक की चाल लगभग कितनी होगी ($\text{ m/s}$ में)? (गोलक का द्रव्यमान = $20 \text{ g}$ लें)

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