(A) ऑक्सीकारक वह पदार्थ है जो रासायनिक अभिक्रिया में इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है या ऑक्सीजन प्रदान करता है (या हाइड्रोजन को हटाता है)।
$(a) Pb_{3}O_{4}$: लेड का अपचयन $+8/3$ से $+2$ होता है,इसलिए $Pb_{3}O_{4}$ ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है।
$(b) O_{2}$: ऑक्सीजन का अपचयन $0$ से $-2$ होता है,इसलिए $O_{2}$ ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है।
$(c) CuSO_{4}$: कॉपर का अपचयन $+2$ से $0$ होता है,इसलिए $CuSO_{4}$ ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है।
$(d) V_{2}O_{5}$: वैनेडियम का अपचयन $+5$ से $0$ होता है,इसलिए $V_{2}O_{5}$ ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है।
$(e) H_{2}O$: हाइड्रोजन का अपचयन $+1$ से $0$ होता है,इसलिए $H_{2}O$ ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है।
$(f) CuO$: कॉपर का अपचयन $+2$ से $0$ होता है,इसलिए $CuO$ ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है।