(N/A) अधोजायिक और उपरिजायिक अंकुरण के बीच अंतर निम्नलिखित है:
| विशेषता | अधोजायिक अंकुरण | उपरिजायिक अंकुरण |
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| वृद्धि | उपराक्ष (Epicotyl) की तीव्र वृद्धि। | अधराक्ष (Hypocotyl) की तीव्र वृद्धि। |
| बीजपत्र | मिट्टी में ही रहते हैं। | मिट्टी की सतह के ऊपर आ जाते हैं। |
| प्रकाश संश्लेषण | बीजपत्र हरे नहीं होते और प्रकाश संश्लेषण नहीं करते। | बीजपत्र हरे हो जाते हैं और प्रकाश संश्लेषण करते हैं। |
| उदाहरण | मक्का,चावल | सेम,मटर |
बीज अंकुरण में बीजपत्र और भ्रूणपोष की भूमिका:
$1$. भंडारण: बीजपत्र और भ्रूणपोष दोनों विकासशील भ्रूण के लिए आवश्यक भोजन (स्टार्च,प्रोटीन और वसा) के भंडारण अंगों के रूप में कार्य करते हैं।
$2$. अंतःचूषण (Imbibition): बीज पानी को अवशोषित करते हैं,जिससे सुप्त एंजाइम सक्रिय हो जाते हैं।
$3$. जल-अपघटन: एंजाइम संचित जटिल खाद्य पदार्थों को सरल,घुलनशील रूपों (जैसे ग्लूकोज) में तोड़ते हैं,जो अंकुरित हो रहे मूलांकुर और प्रांकुर को ऊर्जा और विकास के लिए आवश्यक सामग्री प्रदान करते हैं।