रचना का औचित्य भी दीजिए:
एक समकोण त्रिभुज की रचना कीजिए जिसकी भुजाएँ (कर्ण के अतिरिक्त) $4 \,cm$ और $3 \,cm$ की हों। फिर एक अन्य त्रिभुज की रचना कीजिए जिसकी भुजाएँ दिए गए त्रिभुज की संगत भुजाओं की $\frac{5}{3}$ गुनी हों।

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(N/A) यह दिया गया है कि कर्ण के अतिरिक्त भुजाओं की लंबाई $4 \,cm$ और $3 \,cm$ है। स्पष्ट है कि ये एक-दूसरे पर लंब होंगी।
वांछित त्रिभुज की रचना निम्न प्रकार से की जा सकती है:
$1.$ एक रेखाखंड $AB = 4 \,cm$ खींचिए। $A$ पर $90^{\circ}$ का कोण बनाती हुई एक किरण $AX$ खींचिए।
$2.$ $A$ को केंद्र मानकर $3 \,cm$ त्रिज्या का एक चाप लगाइए जो किरण को $C$ पर प्रतिच्छेद करे। $BC$ को मिलाइए। $\triangle ABC$ वांछित त्रिभुज है।
$3.$ $AB$ के साथ एक न्यूनकोण बनाती हुई एक किरण $AY$ खींचिए,जो शीर्ष $C$ के विपरीत दिशा में हो।
$4.$ $AY$ पर $5$ बिंदु $A_1, A_2, A_3, A_4, A_5$ इस प्रकार अंकित कीजिए कि $AA_1 = A_1A_2 = A_2A_3 = A_3A_4 = A_4A_5$ हो।
$5.$ $A_3B$ को मिलाइए। $A_5$ से होकर $A_3B$ के समांतर एक रेखा खींचिए जो बढ़ाई गई रेखाखंड $AB$ को $B'$ पर प्रतिच्छेद करे।
$6.$ $B'$ से होकर $BC$ के समांतर एक रेखा खींचिए जो बढ़ाई गई रेखाखंड $AC$ को $C'$ पर प्रतिच्छेद करे। $\triangle AB'C'$ वांछित त्रिभुज है।
औचित्य:
रचना का औचित्य यह सिद्ध करके दिया जा सकता है कि $AB' = \frac{5}{3} AB, B'C' = \frac{5}{3} BC, AC' = \frac{5}{3} AC$.
$\triangle ABC$ और $\triangle AB'C'$ में,
$\angle ABC = \angle AB'C'$ (संगत कोण)
$\angle BAC = \angle B'AC'$ (उभयनिष्ठ)
$\therefore \triangle ABC \sim \triangle AB'C'$ ($AA$ समरूपता कसौटी)
$\Rightarrow \frac{AB}{AB'} = \frac{BC}{B'C'} = \frac{AC}{AC'}$ .......$(1)$
$\triangle AA_3B$ और $\triangle AA_5B'$ में,
$\angle A_3AB = \angle A_5AB'$ (उभयनिष्ठ)
$\angle AA_3B = \angle AA_5B'$ (संगत कोण)
$\therefore \triangle AA_3B \sim \triangle AA_5B'$ ($AA$ समरूपता कसौटी)
$\Rightarrow \frac{AB}{AB'} = \frac{AA_3}{AA_5} = \frac{3}{5}$ .........$(2)$
समीकरण $(1)$ और $(2)$ की तुलना करने पर,हमें प्राप्त होता है:
$\frac{AB}{AB'} = \frac{BC}{B'C'} = \frac{AC}{AC'} = \frac{3}{5}$
$AB' = \frac{5}{3} AB, B'C' = \frac{5}{3} BC, AC' = \frac{5}{3} AC$
यह रचना का औचित्य सिद्ध करता है।

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