(N/A) $\Rightarrow$ मक्का की पत्ती में,ऊपरी बाह्यत्वचा (upper epidermis) में कुछ अंतराल पर $5$ से $7$ बड़े आकार की,पतली भित्ति वाली कोशिकाओं का समूह पाया जाता है,जिनमें हरितलवक और उपत्वचा (cuticle) का अभाव होता है।
$\Rightarrow$ जब वातावरण में नमी कम हो जाती है और शुष्कता बढ़ जाती है,तो ये कोशिकाएं पानी खो देती हैं और श्लथ (flaccid) हो जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप,पर्ण-फलक (leaf lamina) अंदर की ओर मुड़ जाता है। पर्ण-फलक का सतह क्षेत्र कम होने से वाष्पोत्सर्जन की प्रक्रिया रुक जाती है।
$\Rightarrow$ आर्द्र वातावरण में,ये कोशिकाएं पानी सोखकर पुनः स्फीत (turgid) हो जाती हैं,जिससे पत्ती वापस खुल जाती है। जल अवशोषण के इस गुण के कारण इन्हें जल-अवशोषक कोशिकाएं भी कहा जाता है।
$\Rightarrow$ चूंकि ये कोशिकाएं पत्ती की मुड़ने और खुलने की गति को प्रेरित करती हैं,इसलिए इन्हें मोटर कोशिकाएं या यांत्रिक कोशिकाएं भी कहा जाता है।