इलेक्ट्रोड अभिक्रिया के लिए: $M_{(aq)}^{n+} + ne^{-} \to M_{(s)}$
किसी भी सांद्रता पर इलेक्ट्रोड विभव के लिए नर्नस्ट समीकरण इस प्रकार है:
$E_{(M^{n+} | M)} = E_{(M^{n+} | M)}^{\circ} - \frac{RT}{nF} \ln \frac{[M]}{[M^{n+}]}$
चूंकि शुद्ध ठोस की सांद्रता इकाई $([M] = 1)$ ली जाती है,इसलिए समीकरण सरल होकर निम्न हो जाता है:
$E_{(M^{n+} | M)} = E_{(M^{n+} | M)}^{\circ} - \frac{RT}{nF} \ln \frac{1}{[M^{n+}]}$
वैकल्पिक रूप से,लघुगणक के गुण का उपयोग करते हुए:
$E_{(M^{n+} | M)} = E_{(M^{n+} | M)}^{\circ} + \frac{RT}{nF} \ln [M^{n+}]$
जहाँ:
$n = \text{अभिक्रिया में भाग लेने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या}$
$E_{(M^{n+} | M)} = \text{गैर-मानक सांद्रता पर इलेक्ट्रोड विभव}$
$E_{(M^{n+} | M)}^{\circ} = \text{मानक अपचयन विभव}$
$R = \text{गैस नियतांक} = 8.314 \ J \ K^{-1} \ mol^{-1}$
$F = \text{फैराडे नियतांक} = 96487 \ C \ mol^{-1}$
$T = \text{केल्विन में तापमान}$
$[M^{n+}] = M^{n+} \text{ प्रजाति की मोलर सांद्रता}$