(N/A) $\rightarrow$ पादपों में अगुणित $(n)$ और द्विगुणित $(2n)$ दोनों कोशिकाएं समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित हो सकती हैं। यह क्षमता विभिन्न पादप शरीरों - अगुणित और द्विगुणित - के निर्माण की ओर ले जाती है।
$\rightarrow$ अगुणित शरीर समसूत्री विभाजन द्वारा युग्मक उत्पन्न करता है। यह पादप शरीर युग्मकोद्भिद $(gametophyte)$ का प्रतिनिधित्व करता है।
$\rightarrow$ निषेचन के बाद,युग्मनज $(zygote)$ भी समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होकर एक द्विगुणित बीजाणुद्भिद $(sporophyte)$ पादप शरीर बनाता है। यह पादप शरीर अर्धसूत्री विभाजन द्वारा अगुणित बीजाणु उत्पन्न करता है। ये बीजाणु पुनः समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होकर एक अगुणित पादप शरीर बनाते हैं।
$\rightarrow$ इस प्रकार,लैंगिक प्रजनन करने वाले किसी भी पादप के जीवन चक्र के दौरान युग्मक उत्पन्न करने वाले अगुणित युग्मकोद्भिद और बीजाणु उत्पन्न करने वाले द्विगुणित बीजाणुद्भिद के बीच पीढ़ी एकांतरण होता है।
$\rightarrow$ हालाँकि,विभिन्न पादप समूह और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले जीव निम्नलिखित प्रतिरूपों में भिन्न होते हैं:
$(1)$ अगुणितक $(Haplontic)$: युग्मनज में अर्धसूत्री विभाजन के परिणामस्वरूप अगुणित बीजाणु बनते हैं। अगुणित बीजाणु समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होकर युग्मकोद्भिद बनाते हैं। ऐसे पादपों में प्रभावी,प्रकाश संश्लेषी चरण मुक्त-जीवी युग्मकोद्भिद होता है। इस प्रकार के जीवन चक्र को अगुणितक कहा जाता है। $Volvox$,$Spirogyra$ और $Chlamydomonas$ की कुछ प्रजातियां इस प्रतिरूप को दर्शाती हैं।
$(2)$ द्विगुणितक $(Diplontic)$: सभी अनावृतबीजी और आवृतबीजी पादपों में,बीजाणुद्भिद पादप का प्रभावी,प्रकाश संश्लेषी और स्वतंत्र चरण होता है। युग्मकोद्भिद चरण एक से कुछ कोशिकीय अगुणित युग्मकोद्भिद द्वारा दर्शाया जाता है। इस प्रकार के जीवन चक्र को द्विगुणितक कहा जाता है।