(N/A) एकसमान बाह्य विद्युत क्षेत्र $\vec{E}$ में रखे विद्युत द्विध्रुव पर कार्य करने वाला टॉर्क $\vec{\tau}$,द्विध्रुव आघूर्ण $\vec{p}$ और विद्युत क्षेत्र $\vec{E}$ के सदिश गुणनफल (cross product) द्वारा दिया जाता है:
$\vec{\tau} = \vec{p} \times \vec{E}$
परिमाण के रूप में,इसे इस प्रकार व्यक्त किया जाता है:
$\tau = pE \sin \theta$
जहाँ $\theta$,द्विध्रुव आघूर्ण सदिश $\vec{p}$ और विद्युत क्षेत्र सदिश $\vec{E}$ के बीच का कोण है।
विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण को परिभाषित करने के लिए,उस स्थिति पर विचार करें जहाँ द्विध्रुव को विद्युत क्षेत्र के लंबवत रखा गया हो,अर्थात $\theta = 90^\circ$। चूँकि $\sin 90^\circ = 1$,इसलिए टॉर्क होगा:
$\tau = pE$
$p$ के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर,हमें प्राप्त होता है:
$p = \frac{\tau}{E}$
इस प्रकार,विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण को उस टॉर्क के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक विद्युत द्विध्रुव द्वारा अनुभव किया जाता है जब उसे इकाई एकसमान विद्युत क्षेत्र के लंबवत रखा जाता है।