(N/A) स्पर्श रेखाओं की रचना निम्नलिखित प्रकार से की जा सकती है:
$1.$ $O$ केंद्र मानकर $5\, cm$ त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
$2.$ वृत्त की परिधि पर एक बिंदु $A$ लीजिए और $OA$ को मिलाइए। बिंदु $A$ पर $OA$ के लंबवत एक रेखा खींचिए।
$3.$ $OA$ के साथ $120^{\circ} (180^{\circ} - 60^{\circ})$ का कोण बनाती हुई एक त्रिज्या $OB$ खींचिए।
$4.$ बिंदु $B$ पर $OB$ के लंबवत एक रेखा खींचिए। मान लीजिए कि दोनों लंबवत रेखाएं बिंदु $P$ पर प्रतिच्छेद करती हैं। $PA$ और $PB$ अभीष्ट स्पर्श रेखाएं हैं जो $60^{\circ}$ के कोण पर झुकी हुई हैं।
औचित्य:
इस रचना का औचित्य $\angle APB = 60^{\circ}$ सिद्ध करके दिया जा सकता है।
हमारी रचना के अनुसार:
$\angle OAP = 90^{\circ}$ (स्पर्श रेखा,स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है)
$\angle OBP = 90^{\circ}$ (स्पर्श रेखा,स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है)
और $\angle AOB = 120^{\circ}$
हम जानते हैं कि चतुर्भुज के सभी आंतरिक कोणों का योग $360^{\circ}$ होता है।
चतुर्भुज $OAPB$ में:
$\angle OAP + \angle AOB + \angle OBP + \angle APB = 360^{\circ}$
$90^{\circ} + 120^{\circ} + 90^{\circ} + \angle APB = 360^{\circ}$
$300^{\circ} + \angle APB = 360^{\circ}$
$\angle APB = 360^{\circ} - 300^{\circ} = 60^{\circ}$
यह रचना का औचित्य सिद्ध करता है।