(N/A) संघट्ट सिद्धांत (collision theory) के अनुसार,अभिक्रिया होने के लिए दो शर्तें पूरी होनी चाहिए:
$1$. टकराने वाले अणुओं के पास देहली ऊर्जा $(E_t)$ के बराबर या उससे अधिक ऊर्जा होनी चाहिए।
$2$. टकराते समय अणुओं का अभिविन्यास (orientation) सही होना चाहिए।
भले ही अणुओं का एक बड़ा अंश देहली ऊर्जा से अधिक ऊर्जा रखता हो,यदि अणु सही अभिविन्यास के साथ नहीं टकराते हैं,तो अभिक्रिया की दर धीमी रहती है।
अभिक्रिया की दर इस समीकरण द्वारा दी जाती है: $\text{Rate} = P \cdot Z_{AB} \cdot e^{\frac{-E_a}{RT}}$,जहाँ $P$ स्टेरिक कारक (या प्रायिकता कारक) है जो उचित अभिविन्यास के साथ होने वाली टक्करों का अंश दर्शाता है। यदि $P$ बहुत छोटा है,तो अभिक्रिया की दर धीमी होगी।