(N/A) एक पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय होता है, जिसका अर्थ है कि यह केवल एक ही दिशा में चलता है और चक्रीय नहीं होता है।
ऊर्जा का प्रवाह इस पथ का अनुसरण करता है: $\text{उत्पादक} \rightarrow \text{शाकाहारी} \rightarrow \text{मांसाहारी} \rightarrow \text{उच्च मांसाहारी}$.
ऊर्जा स्थानांतरण के $10\%$ नियम के अनुसार, एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर तक केवल $10\%$ ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है, जबकि शेष ऊर्जा पर्यावरण में ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
चूंकि प्रत्येक चरण में ऊर्जा का ह्रास होता है, इसलिए यह पिछले पोषण स्तर पर वापस नहीं जा सकती है। इस प्रकार, ऊर्जा का प्रवाह अचक्रीय और एकदिशीय होता है।