(N/A) पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन को समझने के लिए पानी के हीटिंग कर्व (heating curve) पर विचार करें।
$1$. एक बीकर में कुछ बर्फ के टुकड़े लें और उसका प्रारंभिक तापमान नोट करें,जो $0^{\circ} C$ है।
$2$. बीकर को एक निरंतर ऊष्मा स्रोत पर रखें और इसे धीरे-धीरे गर्म करना शुरू करें।
$3$. तापमान के समान वितरण को सुनिश्चित करने के लिए बर्फ और पानी के मिश्रण को लगातार हिलाते रहें।
$4$. नियमित अंतराल पर (जैसे हर मिनट) मिश्रण का तापमान नोट करें और तापमान बनाम समय का ग्राफ बनाएं।
$5$. आप देखेंगे कि जब तक बीकर में बर्फ मौजूद है,तापमान $0^{\circ} C$ पर स्थिर रहता है,भले ही लगातार ऊष्मा दी जा रही हो।
$6$. यह स्थिर तापमान चरण इसलिए होता है क्योंकि दी गई ऊष्मा का उपयोग अंतर-आणविक आकर्षण बलों को दूर करने के लिए 'गलन की गुप्त ऊष्मा' (latent heat of fusion) के रूप में किया जाता है,जो पदार्थ की अवस्था को ठोस (बर्फ) से तरल (पानी) में बदल देता है।
$7$. एक बार जब सारी बर्फ पिघल जाती है,तो पानी का तापमान तब तक बढ़ना शुरू हो जाएगा जब तक कि यह क्वथनांक $(100^{\circ} C)$ तक नहीं पहुंच जाता,जहां स्थिर तापमान पर एक और अवस्था परिवर्तन (तरल से गैस) होता है।