(N/A) जब $\vec{p}$ द्विध्रुव आघूर्ण वाले विद्युत द्विध्रुव को एक असमान विद्युत क्षेत्र $\vec{E}$ में रखा जाता है,तो उस पर एक नेट बल कार्य करता है।
$1$. जब $\vec{p}$,$\vec{E}$ के समानांतर हो: धनात्मक आवेश $q$ पर क्षेत्र की दिशा में $q\vec{E}$ बल लगता है और ऋणात्मक आवेश $-q$ पर विपरीत दिशा में $-q\vec{E}$ बल लगता है। चूंकि क्षेत्र असमान है और धनात्मक आवेश की स्थिति पर क्षेत्र अधिक प्रबल है,इसलिए द्विध्रुव पर नेट बल बढ़ते हुए विद्युत क्षेत्र की दिशा में होता है।
$2$. जब $\vec{p}$,$\vec{E}$ के प्रति-समानांतर हो: धनात्मक आवेश $q$ पर क्षेत्र की दिशा में $q\vec{E}$ बल लगता है और ऋणात्मक आवेश $-q$ पर विपरीत दिशा में $-q\vec{E}$ बल लगता है। यहाँ ऋणात्मक आवेश की स्थिति पर क्षेत्र अधिक प्रबल होने के कारण,द्विध्रुव पर नेट बल घटते हुए विद्युत क्षेत्र की दिशा में होता है।
दोनों स्थितियों में,द्विध्रुव पर नेट टॉर्क शून्य होता है क्योंकि बल द्विध्रुव की अक्ष के अनुदिश होते हैं,लेकिन क्षेत्र की असमानता के कारण उस पर एक नेट स्थानांतरण बल कार्य करता है।