(N/A) $17^{\text{th}}$ समूह के तत्वों (हैलोजन) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी के मान अत्यधिक ऋणात्मक होते हैं क्योंकि इनका सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $ns^{2} np^{5}$ होता है। इन्हें उत्कृष्ट गैस जैसा स्थायी विन्यास $(ns^{2} np^{6})$ प्राप्त करने के लिए केवल एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है,जिससे यह प्रक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी हो जाती है।
यद्यपि फ्लोरीन $(F)$ का आकार सबसे छोटा है,फिर भी इसकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन $(Cl)$ की तुलना में कम ऋणात्मक है। इसका कारण फ्लोरीन की छोटी $2p$ उपकोश में इलेक्ट्रॉनों के बीच प्रबल प्रतिकर्षण है,जो क्लोरीन की तुलना में इलेक्ट्रॉन के प्रवेश को कम अनुकूल बनाता है।
जैसे-जैसे हम समूह में $Cl$ से $At$ की ओर नीचे जाते हैं,परमाणु का आकार बढ़ता है,जिससे आने वाले इलेक्ट्रॉन के लिए प्रभावी नाभिकीय आकर्षण कम हो जाता है,जिसके परिणामस्वरूप ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान घट जाता है।