(N/A) जब किसी सतह पर रखे वस्तु पर कार्य करने वाले बल का परिमाण अधिकतम स्थैतिक घर्षण से अधिक हो जाता है,तो वस्तु बाहरी बल की दिशा में गति करना शुरू कर देती है। अतः,घर्षण बल का मान अधिकतम स्थैतिक घर्षण बल से कम हो जाता है।
संपर्क में रहने वाली सतहों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाले घर्षण बल को गतिक घर्षण कहा जाता है। इसे $f_{k}$ द्वारा दर्शाया जाता है।
गतिक घर्षण के नियम:
$(1)$ गतिक घर्षण सतहों के बीच संपर्क क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता है।
$(2)$ गतिक घर्षण बल गतिमान वस्तु के सापेक्ष वेग पर निर्भर नहीं करता है।
$(3)$ गतिक घर्षण बल अभिलंब बल (normal force) के समानुपाती होता है।
$\therefore f_{k} \propto N$
$\therefore f_{k} = \mu_{k} N$
जहाँ $\mu_{k} = \text{गतिक घर्षण गुणांक}$,$\mu_{k} = \frac{f_{k}}{N}$ है।
गतिक घर्षण गुणांक: गतिक घर्षण बल और अभिलंब बल के अनुपात को गतिक घर्षण गुणांक कहा जाता है।
चूंकि $f_{s} > f_{k}$,इसलिए $\mu_{s} > \mu_{k}$ होता है। एक बार सापेक्ष गति शुरू हो जाने पर,न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार वस्तु का त्वरण $a = \frac{F - f_{k}}{m}$ होता है।
यदि वस्तु नियत वेग से गति करती है,तो $F = f_{k}$ होता है।
यदि लगाया गया बाहरी बल शून्य कर दिया जाए,तो वस्तु का त्वरण $-\frac{f_{k}}{m}$ होगा। अतः,कुछ दूरी तय करने के बाद वह रुक जाएगी।