(N/A) $(i)$ मुख्य क्वांटम संख्या: इलेक्ट्रॉन के लिए स्थिर अवस्थाओं को $n = 1, 2, 3, \dots$ के रूप में क्रमांकित किया जाता है। इन पूर्णांक संख्याओं को मुख्य क्वांटम संख्या कहा जाता है।
$(ii)$ स्थिर कक्षा की त्रिज्या $(r)$: स्थिर अवस्थाओं की त्रिज्या को $r_n = n^2 a_0$ के रूप में व्यक्त किया जाता है,जहाँ $a_0 = 52.9 \ pm$ है। पहली स्थिर अवस्था $(n = 1)$ की त्रिज्या,जिसे बोहर कक्षा कहा जाता है,$52.9 \ pm$ है। जैसे-जैसे $n$ बढ़ता है,$r$ का मान बढ़ता है,जिसका अर्थ है कि इलेक्ट्रॉन नाभिक से दूर होता जाता है।
$(iii)$ स्थिर अवस्था की ऊर्जा: स्थिर अवस्था की ऊर्जा $E_n = -R_H (1/n^2)$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $R_H = 2.18 \times 10^{-18} \ J$ है। निम्नतम अवस्था $(n = 1)$ के लिए,$E_1 = -2.18 \times 10^{-18} \ J$ है। $n = 2$ के लिए,$E_2 = -0.545 \times 10^{-18} \ J$ है। जब इलेक्ट्रॉन नाभिक के प्रभाव से मुक्त होता है $(n = \infty)$,तो ऊर्जा $0 \ J$ होती है,जो आयनित हाइड्रोजन परमाणु $(H^+)$ को दर्शाती है।
$(iv)$ $H$ का आइसोइलेक्ट्रॉनिक आयन: हाइड्रोजन में $1$ इलेक्ट्रॉन होता है। आइसोइलेक्ट्रॉनिक आयन में भी $1$ इलेक्ट्रॉन होना चाहिए,जैसे $He^+$,$Li^{2+}$,या $Be^{3+}$।
$(v)$ इलेक्ट्रॉन का वेग: स्थिर कक्षा में इलेक्ट्रॉन का वेग $v_n = v_0 (Z/n)$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ हाइड्रोजन के लिए $v_0 = 2.188 \times 10^6 \ m/s$ है।