(N/A) $EMP$ पथ,जिसे सामान्यतः ग्लाइकोलाइसिस कहा जाता है,ग्लूकोज के एक अणु के पाइरुविक एसिड के दो अणुओं में टूटने की प्रक्रिया है। यह कोशिका के कोशिकाद्रव्य में होती है।
$EMP$ पथ के मुख्य चरण:
$1$. फॉस्फोराइलेशन: हेक्सोकाइनेज एंजाइम द्वारा ग्लूकोज को ग्लूकोज-$6$-फॉस्फेट में बदला जाता है,जिसमें एक $ATP$ खर्च होता है।
$2$. आइसोमेराइजेशन: ग्लूकोज-$6$-फॉस्फेट,फ्रुक्टोज-$6$-फॉस्फेट में बदल जाता है।
$3$. दूसरा फॉस्फोराइलेशन: फ्रुक्टोज-$6$-फॉस्फेट को फ्रुक्टोज-$1,6$-बिसफॉस्फेट में बदला जाता है,जिसमें एक और $ATP$ खर्च होता है।
$4$. विभाजन: फ्रुक्टोज-$1,6$-बिसफॉस्फेट दो $3$-कार्बन अणुओं में विभाजित हो जाता है: डाइहाइड्रॉक्सीएसीटोन फॉस्फेट $(DHAP)$ और $3$-फॉस्फोग्लिसराल्डिहाइड ($PGAL$ या $G3P$)।
$5$. ऑक्सीकरण और फॉस्फोराइलेशन: $PGAL$ का ऑक्सीकरण होकर $1,3$-बिसफॉस्फोग्लिसरेट $(BPGA)$ बनता है,जिसमें $NAD^+$ का $NADH + H^+$ में अपचयन होता है।
$6$. $ATP$ निर्माण: $BPGA$ को $3$-फॉस्फोग्लिसरिक एसिड $(PGA)$ में बदला जाता है,जिससे $ATP$ उत्पन्न होता है।
$7$. अंतिम चरण: क्रमिक अभिक्रियाओं के माध्यम से,$PGA$ को फॉस्फोइनोलपाइरुवेट $(PEP)$ और अंततः पाइरुविक एसिड में बदला जाता है,जिससे और $ATP$ उत्पन्न होता है।
प्रति ग्लूकोज अणु शुद्ध उत्पादन: $2$ पाइरुविक एसिड,$2$ $ATP$ (शुद्ध),और $2$ $NADH + H^+$।