सरल आवर्त गति $(SHM)$ करने वाले कण का विस्थापन $x(t)$ समीकरण $x(t) = A \sin(\omega t + \phi)$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $A$ आयाम है,$\omega$ कोणीय आवृत्ति है,और $\phi$ प्रारंभिक कला नियतांक है।
यदि हम मान लें कि कण $t = 0$ पर माध्य स्थिति से शुरू होता है और $\phi = 0$ है,तो समीकरण $x(t) = A \sin(\omega t)$ हो जाता है।
$x(t)$ बनाम $t$ का ग्राफ एक ज्यावक्रीय तरंग (sinusoidal wave) है।
$1$. $t = 0$ पर,$x = 0$ है।
$2$. $t = T/4$ पर,$x = A$ (अधिकतम धनात्मक विस्थापन) है।
$3$. $t = T/2$ पर,$x = 0$ है।
$4$. $t = 3T/4$ पर,$x = -A$ (अधिकतम ऋणात्मक विस्थापन) है।
$5$. $t = T$ पर,$x = 0$ है।
यह ग्राफ $T = 2\pi/\omega$ के आवर्तकाल के साथ $+A$ और $-A$ के बीच दोलन करता है।