शुद्ध जल का परावैद्युतांक $81$ है, तो इसकी वैद्युतशीलता होगी
$7.12 \times {10^{ - 10}}\,MKS$ मात्रक
$8.86 \times {10^{ - 12}}MKS$ मात्रक
$1.02 \times {10^{13}}\;MKS$ मात्रक
गणना नहीं कर सकते हैं
यदि आवेशित कणों के मध्य की दूरी आधी कर दी जाती है, तो कणों के मध्य का बल होगा
वायु में रखे दो आवेश एक दूसरे को ${10^{ - 4}}\,N$ से प्रतिकर्षित करते हैं। दोनों आवेशों के मध्य तेल भर दिया जाये तो बल $2.5 \times {10^{ - 5}}\,N$ हो जाता है तो तेल का परावैद्युतांक होगा
एक धातु के ठोस पृथक्कीकृत गोलाकार पर $ + Q$ आवेश दिया गया है। गोलाकार पर आवेश का वितरण
समान त्रिज्याओं के दो गोलाकार चालकों $B$ एवं $C$ पर आवेश की मात्रा समान है तथा उन्हें एक-दूसरे से कुछ दूर रखने पर उनके बीच लगने वाला प्रतिकर्षण बल $F$ है । उतनी ही त्रिज्या वाले एक अन्य अनावेशित चालक का संपर्क पहले $B$ से कराते हैं और फिर $C$ से संपर्क कराकर उसे हटा दिया जाता है । $B$ तथा $C$ के बीच लगने वाला बल अब कितना होगा
दो एकसमान धात्विक गोले $A$ और $B$ जब हवा में एक निश्चित दूरी पर रखे जाते है तो एक-दूसरे को $F$ बल से प्रतिकर्षित करते हैं। एक और समरूप अनावेशित गोला $C$, पहले $A$ के सम्पर्क में, फिर $B$ के सम्पर्क में और अंत में $A$ और $B$ के मध्य बिन्दू पर रखा जाता है। गोले $C$ द्वारा अनुभव किया बल होगा :