(N/A) $\rightarrow$ विशिष्ट प्रतिबंधित आवश्यकताओं और निषेचन के लिए पानी की आवश्यकता के कारण,जीवित टेरिडोफाइट्स का प्रसार सीमित है और संकीर्ण भौगोलिक क्षेत्रों तक ही सीमित है।
$\rightarrow$ युग्मकोद्भिद (gametophytes) में नर और मादा जनन अंग होते हैं जिन्हें पुंधानी (antheridia) और स्त्रीधानी (archegonia) कहा जाता है।
$\rightarrow$ पुमणु (antherozoids) के स्थानांतरण के लिए पानी की आवश्यकता होती है।
$\rightarrow$ नर युग्मक पुंधानी से मुक्त होकर स्त्रीधानी के मुख तक पहुँचते हैं।
$\rightarrow$ स्त्रीधानी में मौजूद अंडे के साथ नर युग्मक का संलयन युग्मनज (zygote) के निर्माण का परिणाम होता है।
$\rightarrow$ इसके बाद युग्मनज एक बहुकोशिकीय,सुविभेदित बीजाणुद्भिद (sporophyte) उत्पन्न करता है,जो टेरिडोफाइट्स की प्रभावी अवस्था है।