(D) माना $A = \{1, 2, 3, 4, 5, 6\}$ है।
संबंध $R$ समुच्चय $A$ पर इस प्रकार परिभाषित है: $R = \{(a, b) : b = a + 1\}$।
$\therefore R = \{(1, 2), (2, 3), (3, 4), (4, 5), (5, 6)\}$।
यदि $R$ स्वतुल्य है,तो प्रत्येक $a \in A$ के लिए $(a, a) \in R$ होना चाहिए। परंतु,$(1, 1) \notin R$,$(2, 2) \notin R$ आदि।
$\therefore R$ स्वतुल्य नहीं है।
यदि $R$ सममित है,तो यदि $(a, b) \in R$ है,तो $(b, a) \in R$ होना चाहिए। यहाँ,$(1, 2) \in R$ है,लेकिन $(2, 1) \notin R$ है।
$\therefore R$ सममित नहीं है।
यदि $R$ संक्रामक है,तो यदि $(a, b) \in R$ और $(b, c) \in R$ है,तो $(a, c) \in R$ होना चाहिए। यहाँ,$(1, 2) \in R$ और $(2, 3) \in R$ है,लेकिन $(1, 3) \notin R$ है।
$\therefore R$ संक्रामक नहीं है।
अतः,$R$ न तो स्वतुल्य है,न सममित है और न ही संक्रामक है।