(N/A) हाँ,एक पिंड आंशिक संतुलन में रह सकता है। इसका अर्थ है कि यह स्थानांतरीय संतुलन में हो सकता है लेकिन घूर्णी संतुलन में नहीं,या यह घूर्णी संतुलन में हो सकता है लेकिन स्थानांतरीय संतुलन में नहीं।
स्थिति $(a)$: घूर्णी संतुलन लेकिन स्थानांतरीय संतुलन नहीं।
$2a$ लंबाई की नगण्य द्रव्यमान वाली छड़ $AB$ पर विचार करें। चित्र $(a)$ में दिखाए अनुसार,छड़ के सिरों $A$ और $B$ पर समान परिमाण $F$ के दो समानांतर बल छड़ के लंबवत एक ही दिशा में लगाए जाते हैं।
मान लीजिए $C$,$AB$ का मध्य बिंदु है,इसलिए $CA = CB = a$ है।
छड़ पर कुल बल $\sum \vec{F} = F + F = 2F \neq 0$ है। अतः,यह स्थानांतरीय संतुलन में नहीं है।
मध्य बिंदु $C$ के परितः कुल टॉर्क $\tau = (F \times a) - (F \times a) = 0$ है। अतः,छड़ घूर्णी संतुलन में है।
स्थिति $(b)$: स्थानांतरीय संतुलन लेकिन घूर्णी संतुलन नहीं।
$2a$ लंबाई की छड़ $AB$ पर विचार करें। चित्र $(b)$ में दिखाए अनुसार,सिरों $A$ और $B$ पर दो समान और विपरीत बल $\vec{F}$ छड़ के लंबवत लगाए जाते हैं।
छड़ पर कुल बल $\sum \vec{F} = F - F = 0$ है। अतः,छड़ स्थानांतरीय संतुलन में है।
मध्य बिंदु $C$ के परितः कुल टॉर्क $\tau = (F \times a) + (F \times a) = 2Fa \neq 0$ है। चूँकि टॉर्क एक ही दिशा में हैं (दोनों वामावर्त घूर्णन उत्पन्न करते हैं),इसलिए छड़ घूर्णी संतुलन में नहीं है।