आनुवंशिकी में $T.H.$ मॉर्गन के योगदान का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।

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(N/A) $T.H.$ मॉर्गन का कार्य मुख्य रूप से फ्रूट फ्लाई, $Drosophila$ $melanogaster$ पर आधारित था।
उन्होंने सहलग्नता (linkage) का गुणसूत्रीय सिद्धांत प्रतिपादित किया।
उन्होंने सहलग्नता को एक ही गुणसूत्र पर दो या दो से अधिक जीनों की भौतिक उपस्थिति के रूप में परिभाषित किया।
उन्होंने $Drosophila$ में द्विसंकर क्रॉस करके यह प्रदर्शित किया कि सहलग्न जीन एक साथ वंशागत होते हैं और $X$-गुणसूत्र पर स्थित होते हैं।
उनके प्रयोगों ने यह भी सिद्ध किया कि मजबूती से जुड़े जीन बहुत कम पुनर्संयोजन (recombination) आवृत्ति दिखाते हैं, जबकि ढीले ढंग से जुड़े जीन उच्च पुनर्संयोजन आवृत्ति दिखाते हैं।

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