(N/A) सरल लोलक के लिए,प्रत्यानयन बल $F = -mg \sin \theta$ है। छोटे कोणों के लिए,$\sin \theta \approx \theta$,इसलिए $F \approx -mg \theta = -mg (x/l) = -(mg/l)x$। इसे $F = -kx$ के साथ तुलना करने पर,हमें $k = mg/l$ प्राप्त होता है। इसे $T = 2 \pi \sqrt{m/k}$ में प्रतिस्थापित करने पर,हमें $T = 2 \pi \sqrt{m / (mg/l)} = 2 \pi \sqrt{l/g}$ प्राप्त होता है। अतः,$T$ द्रव्यमान $m$ से स्वतंत्र है।
$(b)$ बड़े कोणों के लिए,$\sin \theta < \theta$ होता है। प्रत्यानयन बल $F = -mg \sin \theta$ रैखिक सन्निकटन $F = -mg \theta$ से छोटा होता है। छोटा प्रत्यानयन बल धीमी गति और लंबे आवर्तकाल $T$ की ओर ले जाता है।
$(c)$ हाँ। कलाई घड़ी स्प्रिंग-संचालित यांत्रिक दोलनों या क्वार्ट्ज क्रिस्टल के कंपन के सिद्धांत पर काम करती है,जो गुरुत्वाकर्षण त्वरण $g$ से स्वतंत्र हैं। इसलिए,यह मुक्त पतन के दौरान सही समय देती है।
$(d)$ मुक्त रूप से गिरते हुए केबिन में,प्रभावी गुरुत्वाकर्षण त्वरण $g_{eff} = g - a = g - g = 0$ होता है। आवर्तकाल $T = 2 \pi \sqrt{l/g_{eff}} = \infty$ होता है। इसलिए,दोलन आवृत्ति $f = 1/T = 0$ है।