(N/A) $M$ द्रव्यमान वाली पृथ्वी के केंद्र से $r$ दूरी पर स्थित $m$ द्रव्यमान की वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा $U = -\frac{GMm}{r}$ द्वारा दी जाती है।
पृथ्वी की सतह पर वस्तु की स्थितिज ऊर्जा $(r = R)$: $U_i = -\frac{GMm}{R}$.
पृथ्वी की त्रिज्या के बराबर ऊँचाई पर वस्तु की स्थितिज ऊर्जा $(r = R + R = 2R)$: $U_f = -\frac{GMm}{2R}$.
स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि $(\Delta U)$ = $U_f - U_i$.
$\Delta U = -\frac{GMm}{2R} - \left(-\frac{GMm}{R}\right) = \frac{GMm}{R} - \frac{GMm}{2R} = \frac{GMm}{2R}$.
चूँकि $g = \frac{GM}{R^2}$,इसलिए $GM = gR^2$.
इस मान को स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के व्यंजक में प्रतिस्थापित करने पर:
$\Delta U = \frac{(gR^2)m}{2R} = \frac{1}{2}mgR$.