एक इलेक्ट्रॉन को एक धारावाही वृत्तीय चालक के अक्ष के अनुदिश प्रक्षेपित किया जाता है। इलेक्ट्रॉन पर कार्यरत बल

  • A

    अक्ष के अनुदिश है

  • B

    अक्ष के अनुदिश है

  • C

    अक्ष से $4°$ कोण पर है

  • D

    काई बल कार्य नहीं करेगा

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एक इलेक्ट्रॉन एकसमान वेग से धनात्मक $x$-दिशा में गति करते हुए एक समरूप चुम्बकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है। इस चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा धनात्मक $y$-दिशा में है। इलेक्ट्रॉन पर कार्यरत बल की दिशा होगी

एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र $\vec B,$ में गतिमान इलेक्ट्रॉन के कक्षा की त्रिज्या निम्न में से किसके अनुक्रमानुपाती है

एक इलैक्ट्रान एक सीधी धारावाही परिनालिका की अक्ष के अनुदिश नियत वेग से गति करता है।

$A$. इलैक्ट्रान, परिनालिका की अक्ष के अनुदिश चुम्बकीय बल का अनुभव करेगा।

$B$. इलैक्ट्रान, चुम्बकीय बल का अनुभव नहीं करेगा।

$C$. इलैक्ट्रान, परिनालिका की अक्ष के अनुदिश लगातार गति करेगा।

$D$. इलैक्ट्रान, परिनालिका की अक्ष के अनुदिश त्वरित होगा।

$E$. इलैक्ट्रान, परिनालिका के अन्दर परवलयाकार पथ का अनुसरण करेगा।

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

  • [JEE MAIN 2023]

एक कण जिस पर  ${10^{ - 11}}\,coulomb$ का आवेश है तथा जिसका द्रव्यमान ${10^{ - 7}}\,kg$ है  $y$-अक्ष की दिशा में ${10^8}\,m/s$ के वेग से चल रहा है। $x$-दिशा मे एकसमान स्थिर चुम्बकीय क्षेत्र $B = 0.5\,Tesla$ कार्यरत है। कण पर लगा बल होगा

किसी विशेष क्षण पर एक रेडियो-एक्टिव यौगिक से उत्सर्जित विकिरण एक चुम्बकीय क्षेत्र में विक्षेपित होता है। यौगिक उत्सर्जित कर सकता है

$(i) $  इलेक्ट्रॉन                   $(ii)$  प्रोटॉन                       $(iii)$ $H{e^{2 + }}$                 $(iv)$ न्यूट्रॉन

दिये गये विशेष क्षण पर उत्सर्जित विकिरण हो सकता है

  • [AIEEE 2002]