$\Rightarrow$ संकेंद्री वलय,जिन्हें वार्षिक वलय (annual rings) भी कहा जाता है,द्विबीजपत्री वृक्षों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान संवहनी एधा (vascular cambium) की सक्रियता के कारण बनते हैं।
$\Rightarrow$ वसंत ऋतु में,एधा बहुत सक्रिय होती है और चौड़ी वाहिकाओं वाले जाइलम तत्वों की बड़ी संख्या का उत्पादन करती है,जिससे 'वसंत काष्ठ' (spring wood) बनता है। शीत ऋतु में,एधा कम सक्रिय होती है और संकरी वाहिकाओं वाले जाइलम तत्वों का कम उत्पादन करती है,जिससे 'शरद काष्ठ' (autumn wood) बनता है।
$\Rightarrow$ वसंत काष्ठ की एक पट्टी और शरद काष्ठ की एक पट्टी मिलकर एक वार्षिक वलय बनाती है। इन वार्षिक वलयों की संख्या गिनकर वृक्ष की आयु का अनुमान लगाया जा सकता है। अध्ययन के इस क्षेत्र को डेंड्रोक्रोनोलॉजी (dendrochronology) कहा जाता है।