(N/A) कण की कुल यांत्रिक ऊर्जा $E$ संरक्षित रहती है और इसे $E = K + V(x)$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $K$ गतिज ऊर्जा है और $V(x)$ स्थितिज ऊर्जा है। दिया गया है कि $E = E_0$,इसलिए $K = E_0 - V(x)$ होगा।
$1$. गतिज ऊर्जा $(K)$ बनाम $x$ ग्राफ:
- बिंदु $A$ और $F$ पर,$V(x) = E_0$,इसलिए $K = E_0 - E_0 = 0$ होगा।
- $C$ और $D$ के बीच,$V(x) = 0$,इसलिए $K = E_0$ (अधिकतम गतिज ऊर्जा) होगा।
- बिंदु $B$ पर,$V(x) > 0$,इसलिए $K = E_0 - V(x) < E_0$ होगा।
- $K$ बनाम $x$ का ग्राफ स्थितिज ऊर्जा ग्राफ का $E_0$ ऊपर की ओर स्थानांतरित प्रतिबिंब होगा।
$2$. वेग $(v)$ बनाम $x$ ग्राफ:
- चूंकि $K = \frac{1}{2} m v^2$,इसलिए $v = \pm \sqrt{\frac{2K}{m}}$ होगा।
- $A$ और $F$ पर,$K = 0$,इसलिए $v = 0$ होगा।
- $C$ और $D$ पर,$K$ अधिकतम है,इसलिए $v$ अधिकतम है $(v = \pm \sqrt{\frac{2E_0}{m}})$।
- वेग ग्राफ $v$ के लिए धनात्मक और ऋणात्मक दोनों मान दिखाएगा जो कण की विपरीत दिशाओं में गति के अनुरूप है।