(D) पिंड का द्रव्यमान,$m = 2 \; kg$
लगाया गया बल,$F = 7 \; N$
गतिज घर्षण गुणांक,$\mu = 0.1$
प्रारंभिक वेग,$u = 0$
समय,$t = 10 \; s$
लगाए गए बल के कारण उत्पन्न त्वरण: $a_F = F/m = 7/2 = 3.5 \; m/s^2$
घर्षण बल: $f = \mu m g = 0.1 \times 2 \times 9.8 = 1.96 \; N$
घर्षण बल के कारण उत्पन्न त्वरण: $a_f = -f/m = -1.96/2 = -0.98 \; m/s^2$
नेट त्वरण: $a = a_F + a_f = 3.5 - 0.98 = 2.52 \; m/s^2$
तय की गई दूरी: $s = ut + 0.5 a t^2 = 0 + 0.5 \times 2.52 \times 100 = 126 \; m$
$(a)$ लगाए गए बल द्वारा किया गया कार्य: $W_a = F \times s = 7 \times 126 = 882 \; J$
$(b)$ घर्षण द्वारा किया गया कार्य: $W_f = -f \times s = -1.96 \times 126 = -246.96 \; J \approx -247 \; J$
$(c)$ नेट बल द्वारा किया गया कार्य: $W_{net} = (F - f) \times s = 5.04 \times 126 = 635.04 \; J \approx 635 \; J$
$(d)$ गतिज ऊर्जा में परिवर्तन: $\Delta K = W_{net} = 635 \; J$
व्याख्या: कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार,किसी पिंड पर किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।