$d$ व्यास और $L$ लंबाई वाले तांबे के तार के सिरों पर $V$ विभवांतर लगाया जाता है। यदि केवल व्यास $d$ को दोगुना कर दिया जाए,तो अनुगमन वेग (drift velocity):

  • A
    $2$ गुना बढ़ जाएगा
  • B
    $1/2$ गुना घट जाएगा
  • C
    अपरिवर्तित रहेगा
  • D
    $1/4$ गुना घट जाएगा

Explore More

Similar Questions

तांबे के तार में प्रत्येक परमाणु एक मुक्त इलेक्ट्रॉन छोड़ता है। यदि व्यास $1\, mm$ है और धारा $1.1\, A$ है,तो अपवाह वेग (drift velocity) ज्ञात कीजिए। (दिया है: घनत्व $\rho = 9 \times 10^{3}\, kg/m^3$,मोलर द्रव्यमान $M = 63\, g/mol$,आवोगाद्रो संख्या $N_A = 6.023 \times 10^{23}\, mol^{-1}$,प्राथमिक आवेश $e = 1.6 \times 10^{-19}\, C$)

एक वृत्ताकार अनुप्रस्थ काट वाले तार में विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है,जिसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन औसत अनुगमन वेग (drift velocity) $\vec v$ से गति कर रहे हैं। यदि दोगुनी त्रिज्या वाले तार में समान विद्युत धारा प्रवाहित हो,तो नया औसत अनुगमन वेग क्या होगा?

Difficult
View Solution

$2 \ m$ लंबाई और $0.2 \ mm^{2}$ अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल वाले एक बेलनाकार चालक को $2 \ V$ की बैटरी से जोड़ने पर उसमें $1.6 \ A$ की विद्युत धारा प्रवाहित होती है। चालक में इलेक्ट्रॉनों की गतिशीलता $\alpha \times 10^{-3} \ m^{2}/V \cdot s$ है। $\alpha$ का मान ज्ञात कीजिए: (इलेक्ट्रॉन सांद्रता $n = 5 \times 10^{28} \ m^{-3}$ और इलेक्ट्रॉन आवेश $e = 1.6 \times 10^{-19} \ C$)

धारा घनत्व क्या है? धारा घनत्व के रूप में ओम के नियम को व्युत्पन्न कीजिए।

एक तांबे के तार का अनुप्रस्थ काट (cross-section) वर्गाकार है,जिसकी भुजा $2.0 \, mm$ है। इसमें $8 \, A$ की धारा प्रवाहित हो रही है और मुक्त इलेक्ट्रॉनों का घनत्व $8 \times 10^{28} \, m^{-3}$ है। इलेक्ट्रॉनों का अनुगमन वेग (drift speed) कितना होगा?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo