$(i)$ एक हाइड्रोजन परमाणु और $(ii)$ एक एकल आयनित हीलियम परमाणु में,एक इलेक्ट्रॉन समान उत्तेजित अवस्था $n$ से मूल अवस्था में संक्रमण करता है। दोनों स्थितियों में उत्सर्जित फोटॉनों की तरंगदैर्ध्य का अनुपात क्या होगा?

  • A
    $4:1$
  • B
    $1:4$
  • C
    $2:1$
  • D
    $1:2$

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हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग किसके समानुपाती होता है? (जहाँ $r$ इलेक्ट्रॉन की कक्षा की त्रिज्या है)

दो इलेक्ट्रॉन दो हाइड्रोजन जैसे परमाणुओं की कक्षाओं में क्रमशः $3 \times 10^5 \ m/s$ और $2.5 \times 10^5 \ m/s$ की गति से घूम रहे हैं। यदि इन कक्षाओं की त्रिज्याएँ लगभग समान हैं,तो ऊर्जा अवस्थाओं का संभावित क्रम क्रमशः . . . . . . है।

हाइड्रोजन परमाणु की सबसे आंतरिक इलेक्ट्रॉन कक्षा की त्रिज्या $5.3 \times 10^{-11} \ m$ है। $n=4$ अवस्था के लिए त्रिज्या क्या होगी?

एक $15.0\, eV$ का फोटॉन हाइड्रोजन परमाणु से टकराता है और उसका आयनीकरण करता है। यदि परमाणु मूल रूप से ग्राउंड स्टेट में था (आयनीकरण विभव $= 13.6\, eV$),तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या होगी? .......... $eV$

जब एक इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर से निम्न ऊर्जा स्तर में गिरता है,तो ऊर्जा का अंतर विद्युत चुम्बकीय विकिरण के रूप में उत्सर्जित होता है। यह ऊर्जा के अन्य रूपों में क्यों उत्सर्जित नहीं हो सकता है?

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