$M + \Delta m$ द्रव्यमान का एक नाभिक स्थिर है और दो समान द्रव्यमान वाले संतति नाभिकों में क्षयित होता है। यदि $C$ प्रकाश की गति है,और $E_1$ जनक नाभिक के लिए प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा है तथा $E_2$ संतति नाभिकों के लिए है,तो:

  • A
    $E_1 = 2 E_2$
  • B
    $E_2 = 2 E_1$
  • C
    $E_1 > E_2$
  • D
    $E_2 > E_1$

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$1 \, g$ यूरेनियम की ऊर्जा किसके बराबर है?

प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और हीलियम नाभिक का द्रव्यमान क्रमशः $1.0073\,u$, $1.0087\,u$ और $4.0015\,u$ है। हीलियम नाभिक की बंधन ऊर्जा $.........\,MeV$ है।

यदि किसी न्यूक्लाइड की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा अधिक है,तो:

एक अल्फा कण $\left({ }^{4} He\right)$ का द्रव्यमान $4.00300 \ amu$ है। एक प्रोटॉन का द्रव्यमान $1.00783 \ amu$ और एक न्यूट्रॉन का द्रव्यमान $1.00867 \ amu$ है। इन आंकड़ों से अनुमानित अल्फा कण की बंधन ऊर्जा किसके निकटतम है ($MeV$ में)?

कथन : $A > 100$ परमाणु द्रव्यमान संख्या वाले नाभिकों के लिए प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा $A$ के साथ घटती है।
कारण : भारी नाभिकों के लिए नाभिकीय बल कमजोर होते हैं।

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