${F_g}$ और ${F_e}$ क्रमश: गुरुत्वीय और स्थिर वैद्युत बल $10$ सेमी की दूरी पर स्थित इलेक्ट्रॉन के मध्य दर्शाते हैं, तो ${F_g}/{F_e}$ अनुपात की कोटि होगी
${10^{42}}$
$10$
$1$
${10^{ - 43}}$
दो आवेश $ + 4e$ व $ + e$ को $x$ दूरी पर रखा गया है। एक अन्य आवेश को $ + e$ आवेश से कितनी दूर रखा जाये जिससे वह सन्तुलन में रह सके
किसी दूरी पर स्थित एक इलेक्ट्रॉन एवं एक प्रोटॉन के बीच लगने वाले कूलॉम के स्थैतिक वैद्युत बल एवे गुरुत्वीय बल का अनुपात $2.4 \times 10^{39}$ है। अनुक्रमानुपाती स्थिरोंक $K =\frac{1}{4 \pi \varepsilon_0}$. का गुरुत्यीय स्थिरांक $G$ से अनुपात का मान लगभग होगा : (दिया है, प्रोयॉन एवे इलेक्ट्रॉन प्रत्येक पर आवेश $=1.6 \times 10^{-19}\,C$, इलेक्ट्रॉन का व्रव्यमान $=9.11 \times 10^{-31}\,kg$, प्रोटॉन का द्रव्यमान $=1.67 \times 10^{-27}\,kg$ )
दो बिन्दु आवेशों $Q$ व $ - Q$ जो $d$ दूरी पर हैं, के बीच लगने वाले आकर्षण बल का मान ${F_e}$ है। जब इन आवेशों को दो एकसमान गोलों पर जिसकी त्रिज्या $R = 0.3\,d$, एवं जिनके केन्द्र के बीच की दूरी $d$ मीटर है, रख दिया जाता है, तो उनके बीच कार्य करने वाले आकर्षण बल का मान है
दो समरूप चालक गोलों $A$ व $B$ पर समान आवेश हैं। प्रारम्भ में उनके बीच की दूरी उनके व्यासों से बहुत अधिक है तथा उनके बीच बल $F$ है। $C$ इसी तरह का एक तीसरा गोला है जो आवेशहीन है। गोले $C$ को पहले $A$ से स्पर्श कराते हैं, फिर $B$ से स्पर्श कराते हैं और फिर हटा देते हैं। इस प्रकार से $A$ और $B$ के बीच बल का मान होगा
दो लघु गोले, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान $10\, mg$ है, $0.5\, m$ लम्बे धागों द्वारा किसी बिन्दु से निलंबित हैं। समान आवेश द्वारा आवेशित करने पर ये एक दुसरे को $0.20\, m$ दूरी तक प्रतिकर्षित करते हैं। प्रत्येक गोले पर आवेश $\frac{ a }{21} \times 10^{-8} \,C$ है। $a$ का मान $......$ होगा। [दिया है : $g =10\, ms ^{-2}$ ]