(A) $G$ सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है जिसका मान $6.673 \times 10^{-11} \text{ N m}^2 \text{ kg}^{-2}$ निश्चित है। यह ब्रह्मांड में हर जगह समान रहता है।
$g$ गुरुत्वीय त्वरण है,जो स्थान के अनुसार बदलता रहता है। इसका $SI$ मात्रक $\text{m s}^{-2}$ है।
$(b)$ नहीं,पृथ्वी पर $g$ का मान हर जगह समान नहीं होता है। पृथ्वी पूर्णतः गोलाकार नहीं है; यह ध्रुवों पर चपटी और भूमध्य रेखा पर उभरी हुई है। सूत्र $g = \frac{GM}{R^2}$ के अनुसार,ध्रुवों पर त्रिज्या $R$ भूमध्य रेखा की तुलना में कम होती है। इसलिए,ध्रुवों पर $g$ का मान अधिक और भूमध्य रेखा पर कम होता है।
$(c)$ न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार,$F = \frac{G M m}{r^2}$,इसलिए $F \propto \frac{1}{r^2}$।
यदि दूरी $r$ को तीन गुना $(r' = 3r)$ कर दिया जाए,तो नया बल $F' = \frac{G M m}{(3r)^2} = \frac{G M m}{9r^2} = \frac{1}{9} F$ हो जाता है।
अतः,गुरुत्वाकर्षण बल अपने मूल मान का नौवां भाग ($1$/$9$) हो जाएगा।