(N/A)
मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (बृहत् पोषक तत्व): ये वे आवश्यक पोषक तत्व हैं जिनकी पौधों को उनकी वृद्धि और विकास के लिए बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है।
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (सूक्ष्म पोषक तत्व): ये वे आवश्यक पोषक तत्व हैं जिनकी पौधों को बहुत कम या सूक्ष्म मात्रा में आवश्यकता होती है।
$(b)$
$(i)$ वर्मीकम्पोस्ट का निर्माण: यह केंचुओं की सहायता से पौधों और जानवरों के कचरे के अपघटन द्वारा बनाया जाता है। केंचुए कार्बनिक पदार्थों को तोड़ते हैं,जिसके परिणामस्वरूप पोषक तत्वों से भरपूर खाद तैयार होती है।
$(ii)$ हरी खाद का निर्माण: यह मुख्य फसल बोने से पहले सनई (sunhemp) या ग्वार जैसे फलीदार पौधों को उगाकर बनाई जाती है। इन पौधों को जुताई करके मिट्टी में मिला दिया जाता है। यह प्रक्रिया मिट्टी में नाइट्रोजन और फास्फोरस की मात्रा को काफी बढ़ा देती है,जिससे मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है।