(N/A) परिभाषाएँ:
$(i)$ प्रकाशिक केंद्र: लेंस का वह केंद्रीय बिंदु जिससे होकर गुजरने वाली प्रकाश की किरण बिना किसी विचलन के निकल जाती है।
$(ii)$ वक्रता केंद्र: लेंस की सतहें जिन काल्पनिक गोलों का हिस्सा होती हैं,उनके केंद्रों को वक्रता केंद्र कहते हैं।
$(iii)$ मुख्य अक्ष: लेंस के प्रकाशिक केंद्र और वक्रता केंद्रों से होकर गुजरने वाली एक काल्पनिक रेखा।
$(iv)$ द्वारक (एपरचर): गोलीय लेंस की वृत्ताकार रूपरेखा का प्रभावी व्यास।
$(v)$ मुख्य फोकस: मुख्य अक्ष पर स्थित वह बिंदु जहाँ मुख्य अक्ष के समानांतर प्रकाश किरणें अपवर्तन के बाद अभिसरित होती हैं (उत्तल लेंस में) या अपसरित होती हुई प्रतीत होती हैं (अवतल लेंस में)।
$(vi)$ फोकस दूरी: लेंस के प्रकाशिक केंद्र और मुख्य फोकस के बीच की दूरी।
$(b)$ दिया गया है: फोकस दूरी $f = +12 \, cm$ (अभिसारी लेंस के लिए),प्रतिबिंब दूरी $v = +48 \, cm$ (दूसरी ओर वास्तविक प्रतिबिंब)।
लेंस सूत्र का उपयोग करते हुए: $\frac{1}{f} = \frac{1}{v} - \frac{1}{u}$
$\frac{1}{12} = \frac{1}{48} - \frac{1}{u}$
$\frac{1}{u} = \frac{1}{48} - \frac{1}{12}$
$\frac{1}{u} = \frac{1 - 4}{48} = \frac{-3}{48} = -\frac{1}{16}$
अतः,$u = -16 \, cm$। वस्तु को लेंस के सामने $16 \, cm$ की दूरी पर रखा जाना चाहिए।