(N/A) स्नेल का नियम बताता है कि आपतन कोण की ज्या $(\sin i)$ और अपवर्तन कोण की ज्या $(\sin r)$ का अनुपात माध्यमों के दिए गए जोड़े और प्रकाश की दी गई तरंग दैर्ध्य के लिए स्थिर रहता है। गणितीय रूप से, $\frac{\sin i}{\sin r} = \text{स्थिरांक} = n_{21}$, जहाँ $n_{21}$ पहले माध्यम के सापेक्ष दूसरे माध्यम का अपवर्तनांक है।
$(b)$ जब प्रकाश की किरण कांच के स्लैब में तिरछी प्रवेश करती है, तो विरल माध्यम (हवा) से सघन माध्यम (कांच) में यात्रा करते समय यह अभिलंब की ओर झुक जाती है। कांच के स्लैब से बाहर निकलते समय, सघन माध्यम से विरल माध्यम में यात्रा करते समय यह अभिलंब से दूर हट जाती है। निर्गत किरण आपतित किरण के समानांतर होती है लेकिन इसमें पार्श्व विस्थापन (lateral displacement) होता है।