(N/A) हमें दो समकोण त्रिभुज,$\Delta ABC$ और $\Delta ADC$ दिए गए हैं,जिनका कर्ण $AC$ उभयनिष्ठ है।
चूँकि $\angle ABC = 90^{\circ}$ और $\angle ADC = 90^{\circ}$ है,इसलिए दोनों त्रिभुज क्रमशः $B$ और $D$ पर समकोण हैं।
$AC$ को व्यास मानकर एक वृत्त की कल्पना कीजिए। चूँकि $\angle ABC = 90^{\circ}$ और $\angle ADC = 90^{\circ}$ है,इसलिए बिंदु $B$ और $D$ इस वृत्त पर स्थित होंगे (क्योंकि अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है)।
अतः,$A, B, C$ और $D$ चक्रीय बिंदु (concyclic points) हैं।
अब,जीवा $CD$ पर विचार कीजिए। कोण $\angle CAD$ और $\angle CBD$ वृत्त के एक ही वृत्तखंड में एक ही जीवा $CD$ द्वारा अंतरित कोण हैं।
इस प्रमेय के अनुसार कि एक ही वृत्तखंड में बने कोण बराबर होते हैं,हम कह सकते हैं:
$\angle CAD = \angle CBD$.
इति सिद्धम्।