(A) माना $AB$ पर बिंदु $P$ इस प्रकार है कि $DP \perp AB$ है। दिया है कि $AP = PB$ है।
$\triangle APD$ और $\triangle BPD$ में:
$AP = PB$ (दिया है)
$\angle APD = \angle BPD = 90^{\circ}$ (लंब)
$PD = PD$ (उभयनिष्ठ भुजा)
$SAS$ सर्वांगसमता कसौटी से,$\triangle APD \cong \triangle BPD$ है।
अतः,$AD = BD$ $(CPCT)$.
चूँकि $ABCD$ एक समचतुर्भुज है,इसलिए $AD = AB$ है। अतः,$AD = BD = AB$ है।
इसका अर्थ है कि $\triangle ABD$ एक समबाहु त्रिभुज है।
इसलिए,$\angle DAB = 60^{\circ}$ है।
समचतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं,इसलिए $\angle BCD = 60^{\circ}$ है।
आसन्न कोण संपूरक होते हैं,इसलिए $\angle ABC = 180^{\circ} - 60^{\circ} = 120^{\circ}$ है।
इसी प्रकार,$\angle ADC = 120^{\circ}$ है।
समचतुर्भुज के कोण $60^{\circ}, 120^{\circ}, 60^{\circ}, 120^{\circ}$ हैं।