(A-III, B-V, C-II, D-IV) क्लोरोबेंजीन की इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं $-Cl$ परमाणु के अनुनाद प्रभाव के कारण ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर होती हैं।
$(A)$ क्लोरीनीकरण: $Cl_2$ / निर्जल $AlCl_3$ $1,2$-डाइक्लोरोबेंजीन और $1,4$-डाइक्लोरोबेंजीन देता है। अतः,$(A \rightarrow iii)$.
$(B)$ नाइट्रीकरण: सांद्र $HNO_3$ + सांद्र $H_2SO_4$ $1$-क्लोरो-$2$-नाइट्रोबेंजीन और $1$-क्लोरो-$4$-नाइट्रोबेंजीन देता है। अतः,$(B \rightarrow v)$.
$(C)$ सल्फोनीकरण: सांद्र $H_2SO_4$ और गर्मी $2$-क्लोरोबेंजीन सल्फोनिक एसिड और $4$-क्लोरोबेंजीन सल्फोनिक एसिड देता है। अतः,$(C \rightarrow ii)$.
$(D)$ फ्रीडल-क्राफ्ट्स एसाइलेशन: $CH_3COCl$ / निर्जल $AlCl_3$ $2$-क्लोरोएसीटोफेनोन और $4$-क्लोरोएसीटोफेनोन देता है। अतः,$(D \rightarrow iv)$.