(N/A) $(i)$ हैलोजनीकरण: क्लोरोबेंजीन निर्जलीय $FeCl_3$ की उपस्थिति में $Cl_2$ के साथ अभिक्रिया करके $1,4$-डाइक्लोरोबेंजीन (मुख्य) और $1,2$-डाइक्लोरोबेंजीन (गौण) बनाता है।
$(ii)$ नाइट्रीकरण: क्लोरोबेंजीन सांद्र $HNO_3$ और सांद्र $H_2SO_4$ के साथ अभिक्रिया करके $1$-क्लोरो-$4$-नाइट्रोबेंजीन (मुख्य) और $1$-क्लोरो-$2$-नाइट्रोबेंजीन (गौण) बनाता है।
$(iii)$ सल्फोनीकरण: क्लोरोबेंजीन गर्म करने पर सांद्र $H_2SO_4$ के साथ अभिक्रिया करके $4$-क्लोरोबेंजीन सल्फोनिक एसिड (मुख्य) और $2$-क्लोरोबेंजीन सल्फोनिक एसिड (गौण) बनाता है।
$(iv)$ फ्रीडल-क्राफ्ट अभिक्रिया: क्लोरोबेंजीन एल्काइलेशन ($CH_3Cl$ और निर्जलीय $AlCl_3$ के साथ) या एसाइलेशन ($CH_3COCl$ और निर्जलीय $AlCl_3$ के साथ) अभिक्रिया देता है,जिसमें पैरा-आइसोमर मुख्य उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है।