(N/A) संरचना: वान डी ग्राफ जनरेटर में एक बड़ा गोलाकार सुचालक कवच होता है जो एक कुचालक स्तंभ पर टिका होता है। रबर या रेशम जैसे कुचालक पदार्थ से बनी एक लंबी,संकरी और अंतहीन बेल्ट दो घिरनियों पर लिपटी होती है।
चित्र में दिखाए अनुसार,एक घिरनी जमीन के स्तर पर और दूसरी कवच के केंद्र में होती है। निचली घिरनी को घुमाने वाली मोटर द्वारा बेल्ट को निरंतर गति में रखा जाता है।
जमीन के स्तर पर लगा एक धातु का ब्रश बेल्ट पर धनात्मक आवेश का छिड़काव करता है,जिसे बेल्ट द्वारा ऊपर ले जाया जाता है।
ऊपर पहुँचा धनात्मक आवेश कवच के अंदरूनी हिस्से से जुड़े दूसरे धातु के ब्रश पर स्थानांतरित हो जाता है।
परिणामस्वरूप,धनात्मक आवेश कवच की बाहरी सतह पर समान रूप से फैल जाता है,जिससे उच्च विभव उत्पन्न होता है।
इस प्रकार,जमीन के सापेक्ष $6$ से $8$ मिलियन वोल्ट का विभवांतर उत्पन्न किया जा सकता है।
उपयोग: इसका उपयोग प्रोटॉन,ड्यूटेरॉन और अल्फा कणों जैसे आवेशित कणों को बहुत उच्च ऊर्जा तक त्वरित करने के लिए किया जाता है,जिनका उपयोग परमाणु के नाभिक की संरचना का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।